मुझे याद आते है

Just another weblog

48 Posts

1104 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 7831 postid : 41

चाँद से बात करे

Posted On: 20 Jan, 2012 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

रात की तन्हाई में क्यों न चाँद से बाते करे
हकीक़त में तो इतनी दूरिया है ,क्यों न ख्वाब की ही बाते करे

दुनिया सोई है नींद के आगोश में ,
अंधेरो से हमें मोहब्बत है ,गम से खौफज़दा नहीं हम

फिर आओ क्यों न चाँद से मोहब्बत की बाते करे

दिल की गहराई में एक चेहरा है
चाँद से उसका जिक्र करे और उसी के लिए दुआ करे

सबने चुन लिया अपने लिए एक मोड़,
हम तो हर मोड़ पर उनका हाथ थाम चले

आओ सितारों को बुलाये और चाँद से बात करे

उनसे मिलकर जिन्दगी रोशन हो गई ,
चलो उनमे ख्वाबो के रंग भरे

हर लम्हा हसीं वादों से सजा हुआ ,
चांदनी से नहाया है चमकता जिस्म

आओ सितारों को बुलाये और चाँद से बाते करे

यादे उनकी बस गई है साँसों में ,
यकीन हो तो आजमा कर देख लो

हंसी लबो से नहीं दिल से आती है ,
आँखे रोती नहीं मुस्कराती है

आओ सितारों को बुलाये चाँद से बात करेnight

| NEXT

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

16 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
February 22, 2012

यादे उनकी बस गई है साँसों में , यकीन हो तो आजमा कर देख लो हंसी लबो से नहीं दिल से आती है , आँखे रोती नहीं मुस्कराती है क्या अंदाज है, दीप्ती जी, सादर अभिवादन. चाहा बहुत रोक लूं इन सांसों का क्या करे “दीप्ती ” इन पर मेरा अख्तियार नहीं. बधाई. सुन्दर भाव, सुन्दर प्रस्तुतीकरण.

    D33P के द्वारा
    February 22, 2012

    नमस्कार प्रदीप जी , आभार .

JAMALUDDIN ANSARI के द्वारा
January 22, 2012

अच्छी रचना के लिए ढेरों बधाइयाँ ,ऐसे ही लिखते रहें .

    D33P के द्वारा
    January 22, 2012

    आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया के लिए आभार

    D33P के द्वारा
    January 22, 2012

    आपका बहुत बहुत धन्यवाद ,कृपया मेरी और रचनाओं पर भी

jlsingh के द्वारा
January 22, 2012

शरद ऋतु की चांदनी वाकई खूबसूरत होती है इनमे कविता के बोल फूट पड़ते हैं. आओ चाँद तारों में खो जाएँ कहीं!………………

    D33P के द्वारा
    January 22, 2012

    आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद ,कृपया मेरी और रचनाओं पर भी आपकी हौसला अफजाई का इंतज़ार है मुझे

    D33P के द्वारा
    January 22, 2012

    आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद ,कृपया मेरी और रचनाओं पर भी आपकी हौसला अफजाई का इंतज़ार है मुझे

sadhana thakur के द्वारा
January 21, 2012

चाँद से बात करना सच में अच्छा लगता है अच्छे भाव ………..

    D33P के द्वारा
    January 21, 2012

    धन्यवाद

allrounder के द्वारा
January 21, 2012

सुन्दर रचना पर बधाई आपको !

    D33P के द्वारा
    January 21, 2012

    बहुत बहुत धन्यवाद श्रीमान जी

January 21, 2012

रात मे तनहाई मे ख्वाब मे बातें हुई। चाँद से, तारों से, चाँदनी से बातें हुई। जिस्म की, लबों की ,दिल की बातें हुईं। पर सुबह , धूप सूरज की नहीं बातें हुई……. बहुत सुंदर रचना दीप्ति जी ! बहुत बहुत बधाई आपको !

    D33P के द्वारा
    January 21, 2012

    सूरज जी खूबसूरत अंदाज़ में आपकी की हुई प्रतिक्रिया …बहुत बहुत धन्यवाद ,

Sumit के द्वारा
January 20, 2012
    D33P के द्वारा
    January 21, 2012

    बहुत बहुत धन्यवाद सुमित जी


topic of the week



latest from jagran