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आओ होली खेले

Posted On: 5 Mar, 2012 Others में

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holi-friend016

जग की रीत में हम भी अपनी रीत बनाये
रंग और गुलाल से अपनी प्रीत बढाये !
तन  पर रंग के छीटों की  रंगकारी हो
हाथ  में स्नेह अबीर से भरी पिचकारी हो …
बह जाये  पानी के  संग मन का मैल
रंग जाये खुशियों से ,रंगों से बोल
इक दूजे से गले मिले और मिलकर डोले
वस्त्र रंगे हमने ,गले मिले,हाथ में हाथ  डाले
आओ आज प्यार से इक दूजे के दिल भी रंग डाले
आओ प्यार  के रंग  गुलाल से होली खेले!!
न तुम हिन्दू न मैं  मुस्लिम हूँ
आज है बस इंसानियत के मेले !!
भाई आओ थामो हाथ , मिलजुल के खेले
गले लगकर सारे भेद आज भुलाकर देखे
रंगों से भीगे ये मोहब्बत के मेले !!
आवाज़ ढोल मंजीरे की गूँज रही  है
हम भी अपनेपन के गीत बजाये !!
रंग गुलाल से दिल में अपने प्रीत बढाये
जग की रीत में हम भी अपनी रीत बनाये!!
रंग और गुलाल से अपनी प्रीत बढाये!!

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44 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

chandanrai के द्वारा
March 15, 2012

DIPTI JI, A IMMORTAL POEM, EXPRESSING THE NEED OF LOVE & AFFECTION BETWEEN THE PEOPLE. MY CONGRATULATION बिलकुल ठीक विचार ! बहुत बेहतर pLS COMMENT ON http://chandanrai.jagranjunction.com/बेरोजगार ,/आत्महत्या

    D33P के द्वारा
    March 15, 2012

    yours welcome on my blogs..thanx

dineshaastik के द्वारा
March 15, 2012

दीप्ति जी, आपकी यह आरोप मिथ्या है कि मैंने आपकी झूठी तारीफ की है। मेरी दृष्टि में यहाँ योग्यता मापदण्ड शैली से नहीं भाव से है। भाव हमेशा शैली पर हावी होते हैं। मेरा मानना है कि कोई व्यक्ति महान या पतित भाव से होता है शैली से नहीं। सच कहूँ मैं भी कविता लिखना नहीं जानता, किन्तु दिल को अच्छा एवं सच लगता है, लिख देता हूँ, जो कविता सी लगने लगती है। जो आपके दिल को सच्चा और अच्छा लगे लिख दो कविता स्वतः ही बन जायेगी।       सामान्यतः मुझमें सच बोलने, सुनने एवं सच लिखने का अवगुण है,अतः मेरे मित्र भी उँगुली में गिनने लायक हैं। मेरे निकट संबंधी भी मेरे इसी अवगुण के कारण मेरे निकट मैं परहेज करते हैं।       क्या मेरी इस टिप्पणी से साबित नहीं होता कि मुझे टिप्पणी करना नहीं आती। गद्य में लिखते समय मैं अधिकांशतः विषय से भटक जाता हूँ। शायद लेखनी मेरे नियंत्रण में नहीं रहती।    अपनी लेखनी को नियंत्रित करके अंत मैं यही कहूँगा कि मैं आपकी रचनाओं में जो पढ़ता हूँ, मुझे उसमें आपके भाव उच्चस्तरीय लगते हैं।  स्वयं की कमी देखना आपके विचारों उच्चाशन प्रदान करता है, किन्तु स्वयं की प्रतिभा नकारना भी स्वयं के साथ अन्याय जैसा ही हुआ।

    D33P के द्वारा
    March 15, 2012

    i have no words..simply u are great..lot of thanx

dineshaastik के द्वारा
March 14, 2012

दीप्ति जी आपके ब्लॉग पर देर आया हूँ। माफी माँगने से आप शर्मिन्दा होती हैँ। अतः आशा करता हूँ एवं विश्वास रखता हूँ कि आप बिना माफी माँगे ही क्षमा कर देंगी। मैं इतने अच्छी एवं सशक्त लेखिका एवं कवित्री को न तो शर्मिंदा करने का और न ही शर्विन्दी होते देखने का दुःहसाहस नहीं कर सकता।     एकता का संदेश देती हुई हृदय से लिखी हुई सुन्दर रचना के लिये बधाई….

    D33P के द्वारा
    March 14, 2012

    दिनेश जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद .हम सब जानते है कि सब अपनी अपनी सामाजिक और घरेलु व्यस्तताओं के बावजूद यहाँ समय देते है ,अपनी लेखनी के माध्यम से दूसरो के साथ जुड़ते है ,अब जब हम सब आपस में जुड़े है तो इतना तो समझ ही लेते है कि कभी कभी समय की कमी के चलते हम अपनी गाड़ी का ठहराव किसी जंक्शन पर नहीं कर पाते ,कभी करते भी है तो थोड़े समय के लिए ,इसलिए किसी से भी शिकायत लाजिमी नहीं है ..वैसे एक आप जैसे लेखक से अपनी तारीफ सुनना अच्छा लगा फिर चाहे वो झूठ ही क्यों न हो ,क्यूंकि मै जानती हु हम अभी शुरूआती दौर में है ..फिर भी आपका आभार

March 9, 2012

सादर नमस्कार! सुन्दर भाव और उतनी ही सुन्दर अभिव्यक्ति……माफ़ी चाहूँगा देर से आने के लिए….आपका ब्लॉग subscibe नहीं कर पाया था. अतः पोस्टिंग का पता नहीं chala….

    D33P के द्वारा
    March 9, 2012

    अनिल जी कृपया माफ़ी मांगकर मुझे शर्मिंदा न करे ..देर से ही सही अपने ब्लॉग परआपका आगमन ही हौसला देता है..आपका बहुत बहुत धन्यवाद ,होली तो जा चुकी है पर आपको शुभकामनायें

alkargupta1 के द्वारा
March 8, 2012

बहुत अच्छा सन्देश देती अति सुन्दर रचना दीप्ती जी …. होली की हार्दिक शुभकामनाएं !

    D33P के द्वारा
    March 8, 2012

    धन्यवाद अलका जी आभार के साथ .आपको सपरिवार होली की शुभकामनायें

jlsingh के द्वारा
March 8, 2012

दीप्ति जी, सादर अभिवादन! जागरण नगर के हुडदंग में अवश्य पधारें! आभार!

    D33P के द्वारा
    March 8, 2012

    धन्यवाद ,होली के आमंत्रण के लिए आभार,मेरी ये रचना आप लोगो के स्नेह और आश्रीवाद से फीचर्ड ब्लाग के लिए चुनी गई है तो होली के हुडदंग में शामिल होना तो लाजिमी है .आपको सपरिवार होली कीशुभकामनायें

jalaluddinkhan के द्वारा
March 7, 2012

प्रेम,भाईचारे का सन्देश देती आपकी यह रचना होली का उपहार है.आप,परिवार और आप के शुभचिंतकों को होली की हार्दिक शुभकामनायें I

    D33P के द्वारा
    March 7, 2012

    प्रतिक्रिया के लिए आभार के साथ आपको भी बहुत बहुत शुभकामनायें

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
March 7, 2012

“जागरण नगर में होली” पर लगातार नजर रखते हुए अपना जोहर दिखाइए..  शुभ होली

    D33P के द्वारा
    March 7, 2012

    जागरण नगर में होली के शुभ अवसर पर आपका अभिनन्दन

sonam के द्वारा
March 7, 2012

सुन्दर सन्देश दिया है आपने अपनी रचना के माध्यम से। आपको होली की हार्दिक शुभकामनाएँ !!

    D33P के द्वारा
    March 7, 2012

    सोनम जी आपको भी होली की हार्दिक शुभकामनायें

minujha के द्वारा
March 7, 2012

सारे गिले शिकवे मिटाकर गले मिलने का संदेश देती आपकी ये कविता रूपी प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है,होली की ढेर सारी शुभकामनाएं

    D33P के द्वारा
    March 7, 2012

    आपको भी सपरिवार शुभकामनायें

dineshaastik के द्वारा
March 6, 2012

दीप्ति जी नमस्कार, होली के रंगीन पर्व पर आपको सपरिवार इन्द्रधनुषी शुभकामनायें। सुन्दर होली गीत के लिये बधाई… कृपया इसे भी पढ़े और आपनी समालोचनात्मक प्रतिक्रिया से अनुग्रहीत करें- http://dineshaastik.jagranjunction.com/2012/03/04/क्या सचमुच ईश्वर है (कुछ सवाल)

    March 6, 2012

    दीप्ति जी नमस्कार !सुंदर गीत के लिए बहुत बहुत बधाई ! आपको भी रंग बिरंगी होली की हार्दिक शुभकामनायें। ये त्योहार आपके जीवन मे रंग भर दे !!

    D33P के द्वारा
    March 7, 2012

    हार्दिक अभिनन्दन के साथ होली की रंगीन शुभकामनाओ के लिए आपका आभार

    D33P के द्वारा
    March 7, 2012

    सूरज जी आपकी रंगबिरंगी शुभकामनाओ के लिए आभार .आपके आगमन से मेरे ब्लॉग पर भी रंग आ गया ,होली के इस शुभ पर्व की रंगीनी आपकी जिन्दगी में भी रंग भर दे .,धन्यवाद

shivnathkumar के द्वारा
March 6, 2012

दीप्ती जी, नमस्कार तन पर रंग के छीटों की रंगकारी हो हाथ में स्नेह अबीर से भरी पिचकारी हो … बह जाये पानी के संग मन का मैल रंग जाये खुशियों से ,रंगों से बोल बहुत खूब , बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति …. आपको होली की हार्दिक शुभकामनाएँ !!

    D33P के द्वारा
    March 7, 2012

    शुभकामनाओ के लिए आभार . ,होली के इस शुभ पर्व की आपको सपरिवार शुभकामनायें .,धन्यवाद

ANAND PRAVIN के द्वारा
March 6, 2012

दीप्ती जी, नमस्कार निश्चय ही इस होली के साथ हमारे मन का मैल भी धुल जाएगा………बहोत ही रंग भरी आपकी रचना आपको तथा आपके पुरे परिवार को होली की शुभकामनाय

    D33P के द्वारा
    March 7, 2012

    आनंद जी आपका बहुत बहुत स्वागत है साथ ही आपको और आपके परिवार के लिए भी होली पर्व की रंगीन शुभकामनायें

mparveen के द्वारा
March 6, 2012

दीप्ती जी नमस्कार, आज है बस इंसानियत के मेले !! भाई आओ थामो हाथ , मिलजुल के खेले गले लगकर सारे भेद आज भुलाकर देखे रंगों से भीगे ये मोहब्बत के मेले !! बिलकुल सही कहा आपने सब चीज़ों को भुलाकर होली का त्यौहार मनाएं … आपको V आपके परिवार को होली की शुभकामनायें….

    D33P के द्वारा
    March 6, 2012

    आगमन का शुक्रिया साथ ही आपको भी होली की बहुत बहुत शुभकामनायें

akraktale के द्वारा
March 6, 2012

दीप्ति जी, बह जाये पानी के संग मन का मैल रंग जाये खुशियों से ,रंगों से बोल बहुत सुन्दर सन्देश देती रचना. बधाई. होली की आपको भी शुभकामनाएं.

    D33P के द्वारा
    March 6, 2012

    आभार के साथ आपको होली की खुशियाँ मुबारक हो

vikramjitsingh के द्वारा
March 6, 2012

आदरणीय दीप्ती जी, सादर प्रणाम, आपको भी होली हार्दिक की शुभकामनाये !

    D33P के द्वारा
    March 6, 2012

    होली की शुभकामनाओ के साथ प्रतिक्रिया के लिए आपका धन्यवाद

shashibhushan1959 के द्वारा
March 5, 2012

आदरणीय दीप्ती जी, सादर ! होली की शुभकामनाये !

    D33P के द्वारा
    March 5, 2012

    आपको भी होली की सपरिवार शुभकामनाएं

jlsingh के द्वारा
March 5, 2012

रंग गुलाल से दिल में अपने प्रीत बढाये जग की रीत में हम भी अपनी रीत बनाये!! रंग और गुलाल से अपनी प्रीत बढाये!! बहुत सुन्दर, दीप्ती जी! आपको सपरिवार होली मुबारक!

    D33P के द्वारा
    March 5, 2012

    होली के शुभ अवसर पर आपका अभिनन्दन और आपको भी सपरिवार होली की शुभकामनायें

sadhana thakur के द्वारा
March 5, 2012

एक अच्छा सन्देश देती रचना …..होली की बधाई आपको ………

    D33P के द्वारा
    March 5, 2012

    होली की शुभकामनाओ के साथ आपका अभिनन्दन

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
March 5, 2012

बहुत सुन्दर आवाहन , दीप्ती जी. जग की रीत में हम भी अपनी रीत बनाये!! रंग और गुलाल से अपनी प्रीत बढाये!! बधाई के साथ साथ मेरे एवेम परिवार की ओर आपको सपरिवार होली की शुभ कामनाएं.

    D33P के द्वारा
    March 5, 2012

    प्रदीप जी होली की बहुत बहुत शुभकामनाओ के साथ आपका अभिवादन …

ajaydubeydeoria के द्वारा
March 5, 2012

इन्शानियत का पाठ पढ़ाती हुई सुन्दर रचना. आप को भी होली की हार्दिक शुभकामनाएं…….

    D33P के द्वारा
    March 5, 2012

    आभार के साथ आपको होली की शुभकामनाये


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