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माता-पिता

Posted On: 1 Apr, 2012 Others में

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18 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sinsera के द्वारा
April 2, 2012

बहुत सुन्दर, सटीक, सार्थक और मार्मिक बात दीप्ती जी …

    D33P के द्वारा
    April 6, 2012

    प्रतिक्रिया के बहुत बहुत आभार

yogi sarswat के द्वारा
April 2, 2012

दीप्ति जी नमस्कार ! बहुत सुन्दर , बहुत ही सुन्दर विचार ! छोटा लेकिन सार्थक ! बहुत बढ़िया !

    D33P के द्वारा
    April 6, 2012

    योगी जी , आभार

April 2, 2012

सुन्दर और सार्थक सुझाव……अनुकरणीय और पालनीय .

    D33P के द्वारा
    April 6, 2012

    धन्यवाद अनिल जी

jlsingh के द्वारा
April 2, 2012

सन्देश अच्छा है, पर क्या यह हर हाल में संभव है???

    D33P के द्वारा
    April 6, 2012

    आज की भाग दौड़ भरी जिन्दगी में कुछ भी कहना मुश्किल है, हालत के हाथों बेबस है सभी !.पर देखा जाये तो आज के दौर में रास्ते की दूरियां सिमट गयी है ,और रिश्तो में दूरियां बढ गई है !मैंने अभी हाल ही में दैनिक भास्कर में एक समाचार पढा..एक बुजुर्ग जिनका एक पुत्र अमेरिका में और बेटी मुंबई के एक बैंक में मैनेजेर कार्यरत है ,बुजुर्ग के घर में खाना बनाने तक का काम नौकर करते है .पत्नी का स्वर्गवास हो चुका है .!पर अकेलेपन का संत्रास झेल रहे उस बुजुर्ग की दिमागी हालत इतनी ख़राब हो चुकी है कि वो बुजुर्ग सुबह होते है बाजार में भीख मांगने निकल जाता है …अब आप ही बताइए इससे ख़राब हालत क्या होगे किसी पिता के लिए सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं .जिस औलाद को पाल कर सक्षम किया वो भी दूर है ..और पिता इस हालत में

dineshaastik के द्वारा
April 2, 2012

महान अनुकरणीय संदेश…..

    D33P के द्वारा
    April 6, 2012

    प्रतिक्रिया के आभार

चन्दन राय के द्वारा
April 1, 2012

दीप्ति जी, समाज को सच का अह्शाश दिलाती सुंदर banner

    D33P के द्वारा
    April 6, 2012

    चन्दन जी ,प्रतिक्रिया के लिए आभार

akraktale के द्वारा
April 1, 2012

दीप्ति जी, सीधी सपाट और सुन्दर बात. सार्थक.

    D33P के द्वारा
    April 6, 2012

    आभार …

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
April 1, 2012

आदरणीया दीप्ती जी, सादर अभिवादन अच्छा सन्देश. बधाई. मेरे साथ ऐसा न हो सका.

    D33P के द्वारा
    April 6, 2012

    प्रदीप जी मार्च माह में कार्यालय में काम की अधिकता से यहाँ समय नहीं दे पाई और आपको धन्यवाद भी नहीं कह पाई जिसके लिए माफ़ी चाहूंगी! जिन्दगी में हालत बदलते रहते है बहुत कुछ ऐसा होता है जो हम नहीं चाहते पर हमें झेलना भी पड़ता है !कई बार किसी बात का अफ़सोस हमें जिन्दगी पर रहता है

ajaydubeydeoria के द्वारा
April 1, 2012

ख़ूबसूरत सन्देश….

    D33P के द्वारा
    April 6, 2012

    धन्यवाद अजय जी


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