मुझे याद आते है

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जहर कहता है

Posted On: 18 Apr, 2012 Others,मस्ती मालगाड़ी में

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वो मुझ पर कुछ ऐसा असर रखता है

दिल की मेरे हर खलल की खबर रखता है !!

क्या करू वो मेरे दिल से जाता भी नहीं

बंद पलकों से उतरकर सामने आता भी नहीं !!

कब कौन  मेरे दिल  पर दस्तक देता है!

मेरे दिल की हर धड़कन की खबर रखता है!!

चाहत है मेरी उसे एक नज़र देख लेने की !

पर वो मेरे सामने आने से डरता है!!

मोहब्बत करता है वो मुझसे दीवानावार

फिर भी वो मुझे.…………

अपनी जिन्दगी का जहर कहता है !!

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45 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

pawansrivastava के द्वारा
April 29, 2012

दीप्ती जी जब आपने इश्क का मुद्दा छेड़ मेरे मन के ठहरे तलैय्या में कंकड़ मार हीं दिया है तो अब ज़रा मेरे अंदाजो-अलफ़ाज़ में भी इश्क की परिभाषा सुनते jaaiye : किसी शिकस्ता दिल से पूछो इश्क किस शै का नाम है यह वो अज़ाब है जिसमे सपने सलीब पे चढ़ते हैं

    D33P के द्वारा
    April 29, 2012

    पवन जी प्रथम आगमन पर आपका स्वागत है ,नमस्कार स्वीकार करे .. चंद शब्द आपके जवाब में … “इश्क दरिया है जिसका साहिल नहीँ होता हर दिल मोहब्बत के काबिल नहीँ होता, रोता वो है जो डूबा तेरे इश्क मेँ और रोता वो भी है जिसे ये हासिल नहीँ होता॥”

follyofawiseman के द्वारा
April 29, 2012

“मैं क्यों उसको फ़ोन करूँ उसके भी तो इल्म मे होगा कल शब मौसम की पहली बारिश थी….” “मेरे दिल की हर धड़कन की खबर रखता है!!” …….ये आदमी मुझे CBI का एजेंट लगता है…..इससे बचके रहने की ज़रूरत है……..इसको कहिए कि अब खबर बहुत रख लिया इसने……अब धड़कन की खबर रखने की नहीं…..आपके दिल की धड़कन बन के धड़कने की ज़रूरत है…….. “ ’फिर भी’ वो मुझे”……अभी मुहब्बत बहुत ऊपर-ऊपर का है…….इसको और गहरा जाने दीजिए…… “क्या करू वो मेरे दिल से जाता भी नहीं”……कुछ भी करने की ज़रूरत नहीं है……उसको दिल से निकालने की नहीं दिल बना लेने की ज़रूरत है…….. “बंद पलकों से उतरकर सामने आता भी नहीं”……….लग रहा है ये दौर-ए-इब्तिदा है…….अन्यथा….”जिस सिम्त भी देखूँ नज़र आता है की तुम हो,” “पर वो मेरे सामने आने से डरता है” यहाँ आपको सम्हल्ने की ज़रूरत है…..प्रेम अगर प्रकाश है तो डर अंधकार….प्रेम और डर का मिलन संभव नहीं है……. “मोहब्बत करता है”…..”इश्क़ वो आतिश है ‘ग़ालिब’, जो लगाए न लगे बुझाए न बुझे…..” अभिनय किया जा सकता है महोब्बत नहीं……. “अपनी जिन्दगी का जहर कहता है”…..प्रेम जीवन है, जीवन का नमक है……ज़हर नहीं…..इस आदमी की महोब्बत मुझे खोपड़ी की महोब्बत लगती है…..बच के रहिए इससे…….

    D33P के द्वारा
    April 29, 2012

    हा हा हा मजा आ गया wisman …….आप तो आप है ,आपका बहुत बहुत धन्यवाद आपने अपना कीमती समय दिया !

    D33P के द्वारा
    April 29, 2012

    तुम्हारा नाम किसी अजनबी के लबो पे था “इश्क” ! बात ज़रा सी थी, मगर दिल पे लगी बहुत

vikramjitsingh के द्वारा
April 24, 2012

कुछ हम भी कहें…..अगर इज़ाज़त दें तो, नमूना हाज़िर है….. ”सौ बार मरना चाहा, नज़रों में डूब कर….. वो नज़रें झुका लेते हैं….हमें मरने नहीं देते……”

    D33P के द्वारा
    April 24, 2012

    thanx a lott,

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
April 22, 2012

श्रृंगारजन्य कोमल मनोभावों को स्वयं में समेटे सुन्दर अभिव्यक्ति | बधाई !!

    D33P के द्वारा
    April 22, 2012

    धन्यवाद विजय जी भाव तो बड़े कोमल है पर अर्थ बड़े ही कठोर है ……प्रतिक्रिया के लिए आभार

vikramjitsingh के द्वारा
April 21, 2012

”हमने काँटों को भी नरमी से छुआ है, लेकिन, लोग बे-दर्द हैं, फूलों को मसल देते हैं…….?” ”देरी से आने के लिए क्षमाप्रार्थी हैं हम…… लेकिन आप के सबसे बड़े हमदर्द हैं हम……..”

    D33P के द्वारा
    April 21, 2012

    वाह खूब कही आपने ……. ”हमने काँटों को भी नरमी से छुआ है….. मेरे अनजबी हमदर्द आपका बहुत बहुत शुक्रिया …देर आये दुरुस्त आये ………..इस बीच क्षमा को क्यों तकलीफ देते है , तहे दिल से आपका स्वागत है

Jayprakash Mishra के द्वारा
April 20, 2012

चलिये वो आपसे मोहब्बत तो करता है

Jayprakash Mishra के द्वारा
April 20, 2012

चलिये वो आपसे मोहब्बत तो करता है.

    D33P के द्वारा
    April 22, 2012

    welcome …….thanx for comment

yogi sarswat के द्वारा
April 20, 2012

मोहब्बत करता है वो मुझसे दीवानावार फिर भी वो मुझे.………… अपनी जिन्दगी का जहर कहता है !! बहुत बहुत खूब ! दीप्ति जी ! बहुत सुन्दर अल्फाज़ !

    D33P के द्वारा
    April 20, 2012

    योगी जी बहुत बहुत धन्यवाद .

कुमार गौरव के द्वारा
April 19, 2012

D33P जी बढ़िया रचना आपकी. बधाई स्वीकार की जाये.

    D33P के द्वारा
    April 20, 2012

    गौरव जी ………प्रथम स्वागत स्वीकार करे . आभार

akraktale के द्वारा
April 19, 2012

दीप्ती जी सादर नमस्कार, बहुत सुन्दर रचना, मुझे मिर्जा का एक शेर याद आता है. मोहब्बत में नहीं है फर्क जीने और मरने का उसी को देखकर जीते हैं जिस काफिर पे दम निकले. बधाई.

    D33P के द्वारा
    April 20, 2012

    अभिनन्दन स्वीकार करे ……….आपकी प्रतिक्रिया का अंदाज़ ..मन खुश हो गया.. आभार

rekhafbd के द्वारा
April 19, 2012

दीप्ती जी ,अतिसुन्दर रचना ,महोब्बत करता है वो मुझसे दीवानावार ,फिर भी मुझे अपनी ज़िन्दगी का जहर कहता है ,क्या खूब लिखा है ,बधाई

    D33P के द्वारा
    April 20, 2012

    प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद . आभार

    D33P के द्वारा
    April 20, 2012

    धन्यवाद रेखा जी …………..आभार

चन्दन राय के द्वारा
April 19, 2012

दीप्ती जी नस्कार, आपने जैसे दर्द को शब्द में ढाल दिया है मालूम पड़ता है कोई दर्द में है , चाहे आप उस अवस्था में हो या न हो पर शब्दों ने उसे कह कर बता दिया .

    D33P के द्वारा
    April 20, 2012

    चन्दन राय जी नमस्कार स्वीकार करे सही कहा शब्द तो हमेशा हमारे दिल में उठने वाली भावनाओ का ही आइना होते है ……आपने इसे पसंद किया इसके लिया आपका आभार

yamunapathak के द्वारा
April 19, 2012

सरलता से रख दिया हमने ज़ज्बात सारा आपकी ही पनाहों में

    D33P के द्वारा
    April 20, 2012

    yamunapathak ji खूबसूरत प्रतिक्रिया के लिए आभार

    D33P के द्वारा
    April 20, 2012

    क्या खूब कहा आपने भी ……रख दिया हमने ज़ज्बात सारा आपकी ही पनाहों में …… आभा

MAHIMA SHREE के द्वारा
April 19, 2012

दीप्ती जी नस्कार , बहुत खूब ..माहौल आपने बदल दिया ..jj ka …खुबसूरत प्रस्तुति ….बधाई आपको

    D33P के द्वारा
    April 20, 2012

    .महिमा जी स्वागत है …आपने इसे पसंद किया इसके लिया आपका आभार

dineshaastik के द्वारा
April 19, 2012

दीप्ति जी सादर नमस्कार,  श्रृंगार रस  में डूबी सुन्दर एवं सराहनीय रचना

    D33P के द्वारा
    April 20, 2012

    आदरणीय दिनेश जी अभिवादन ……तारीफ हौसला देती है ,,,,आभार

April 19, 2012

अब आप लोग मुझे एक बार फिर मजबूर कर रहे हैं ….श्रृंगार रस में डूबी रचनाओं को सृजित करने को. जिससे कबका नाता तोड़ चूका हूँ………सुन्दर भाव…..हार्दिक आभार!

    D33P के द्वारा
    April 20, 2012

    अनिल जी आप कैसे कह सकते है .कि आप श्रंगार से नाता तोड़ चुके है ,,वो तो आपके ह्र्ध्य में कूट कूट कर भर हुआ है बस आपने उस पर एक आवरण डाल दिया है ,आप उसे बहार लाइए जरुर कुछ नया और बेहतरीन सृजन होगा …मै आपकी आभारी हु कि आपने कम से कम आकर इसे पढा और प्रतिक्रिया दी ।

ANAND PRAVIN के द्वारा
April 18, 2012

दीप्ती जी, नमस्कार प्यार भड़ा नगमा …………….आनंद आ गया

    D33P के द्वारा
    April 20, 2012

    धन्यवाद आनंद जी

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
April 18, 2012

ये जहर ही तो उसके जीने का अब सहारा है बेपनाह मोहब्बत में तेरी बना फिरता आवारा है आये कैसे नजर तुझे तेरी हर सांस में जब बसा है मजबूर है जालिम ज़माने की बंदिशों में जो फंसा है दिल में तेरे है, दिल तेरा उसी के नाम पर धडकता है आँखों में बसा है तेरी यों हर पल की खबर रखता है. आये नजर तेरे सामने क्या दीवाना उसका सारा शहर है मोहब्बत करता है वो तुझ से दीवानावार फिर भी वो तुझे .………… अपनी जिन्दगी का जहर कहता है !! आदरणीया दीप्ती जी, सादर अभिवादन. आपकी शानदार रचना पर तुकबंदी की है, क्षमा के साथ , बहुत सुन्दर भाव पूर्ण रचना. बधाई.

    D33P के द्वारा
    April 18, 2012

    प्रदीप जी आप मेरे लिए सम्माननीय है ,आपके कमेंट्स मुझे हौसला देते है ,आप क्षमा मांग कर मुझे शर्मिंदा न करे…..आपकी तुकबंदी शानदार है …….बहुत बहुत धन्यवाद

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    April 18, 2012

    धन्यवाद, प्रसन्न रहे, बढ़िया बढ़िया रचना दें करून मैं उनपर जम के तुक बंदी कभी न कभी बन जाऊँगा कवी.

    jlsingh के द्वारा
    April 20, 2012

    कविगुरु, श्रद्धेय श्री कुशवाहा जी! कविता तो बनाते आप हैं, उसपर तुकबंदियों का साथ है, जहर को अमृत बना दे, वो अनमोल चीज आप हैं. दीप्ति जी की जिन्दगी में प्यार की खुशबू……. यह भी क्या हसीन बात है! लगे हाथ मैंने भी कलम चला ली, आशा है आपदोनो मुझे माफ़ ही करेंगे! वातावरण सुरमई होने लगा है, प्रवीणता के साथ आनंद होने लगा है. आभार + गुस्ताखी माफ़!

    D33P के द्वारा
    April 22, 2012

    सिंह सा आपने सही कहा कुशवाहा जी के शब्द अमृत से कम नहीं …..पर जब हम यहाँ है तो माफ़ी शब्द का उपयोग क्यों? आप की प्रतिक्रिया हौसला देती है जिसके लिए मैं आपकी आभारी हूँ !

ajaydubeydeoria के द्वारा
April 18, 2012

वाह दीप्ती जी आपने तो कमाल कर दिया. खूबसूरत……. काश……….

    D33P के द्वारा
    April 18, 2012

    धन्यवाद अजय जी ,,,,,,,,,,,,,,आभार

    ajaydubeydeoria के द्वारा
    April 18, 2012

    मैं आप की इस पोस्ट को फेस बुक पर शेयर कर रहा हूँ.

    D33P के द्वारा
    April 18, 2012

    its ur choice………..thanx


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