मुझे याद आते है

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डर लगता है!!

Posted On: 12 May, 2012 Others,मस्ती मालगाड़ी में

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नज़र आता है तेरी आँखों में जुनून!

पर मुझे इस इकरार से डर लगता है!!

चाहत क्या करू तेरी नजदीकियों की !

मुझे फिर तुझे खो देने का डर लगता है!!

मुझे यकीन है तेरी मोहब्बत का !

पर हाथ की लकीरों से डर लगता है !!

Josie_Hyun-with-my-lover

लुभाती  है तेरे करीब आने की अदा !

न करीब आ कि दूरियों से डर लगता है !!

उल्फत है मुझे तुमसे तुम्हारी चाहत से !

हर वक़्त तेरे रूठ जाने का डर लगता है!!

ख्वाबों की ताबीर है खुली पलकों में !

नशा है आँखों में पर खो जाने से डर लगता है !!

जिन्दगी की हर राह में हमसफ़र बना तो लू तुम्हे!

पर हमराह बन जुदा होने से डर लगता है !!

श्रंगार करू तेरी चाहत में डूबकर !

पर क्या करू आईने के सवालों से डर लगता है!!

कुछ तो बोल कि मेरा डर झूठा है!

या तुम्हे भी ये कहने से डर लगता है ??

feeling on off

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42 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

aadi के द्वारा
July 18, 2012

Baat Din Ki Nahi, Ab Raat Se Dar Lagta Hai… Ghar Hai Kacha Mera, Barsaat Se Dar Lagta Hai… Tere Tohfay Ne To Bas Khoon Ke Aansoo Hi Diye… Zindagi Ab Teri Saugaat Se Dar Lagta Hai… Pyaar Ko Chor Ker Tum Aur Koi Baat Karo… Ab Mujhay Pyaar Ki Har Baat Se Dar Lagta Hai… Meri Khaatir Na Wo Bandnaam Kahein Ho Jaein… Iss Liye Unn Ki Mulaqaat Se Dar Lagta Hai…

    D33P के द्वारा
    July 18, 2012

    नमस्कार हमारे ब्लॉग पर प्रथम आगमन पर आपका स्वागत है …..खूबसूरत प्रतिक्रिया के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया

sadhna के द्वारा
May 14, 2012

वो कैसे कहें की मुझे डर लगता है, उन्होंने तो दिल को ही पत्थर समझ रखा है!! बहुत सुन्दर दीप्ति जी…..

    D33P के द्वारा
    May 14, 2012

    दिल को हम हिला देंगे पत्थर को पिघला देंगे ये डर जो छिपा है सीने में इसे भी दीवानगी में बदल देंगे आभार सहित स्वागत है साधना जी

krishnashri के द्वारा
May 14, 2012

आदरणीय महोदया , सादर , बहुत सुन्दर भाव एवं बोलते चित्र .बधाई .

    D33P के द्वारा
    May 14, 2012

    श्री कृष्ण जी सादर प्रणाम प्रतिक्रिया के लिया आभार

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
May 13, 2012

जिन्दगी की हर राह में हमसफ़र बना तो लू तुम्हे! पर हमराह बन जुदा होने से डर लगता है !! कुछ तो बोल कि मेरा डर झूठा है! या तुम्हे भी ये कहने से डर लगता है ?? दीप्ति जी बहुत सुन्दर काश इस प्रश्न का उत्तर मिल जाए तो दिल को सुकून हो जाए और राहें आसान …भ्रमर ५

    D33P के द्वारा
    May 14, 2012

    सुरेन्द्र जी ये सब सवाल सिर्फ किताबो में आसान लगते है वास्तविक जिन्दगी में नहीं आप आये …..आपका प्रथम आगमन पर स्वागत है

Sumit के द्वारा
May 13, 2012

नज़र आता है तेरी आँखों में जुनून! पर मुझे इस इकरार से डर लगता है!! चाहत क्या करू तेरी नजदीकियों की ! मुझे फिर तुझे खो देने का डर लगता है!! मुझे यकीन है तेरी मोहब्बत का ! पर हाथ की लकीरों से डर लगता है !! आज कल कुछ ऐसे ही दौर से मैं गुज़र रहा हूँ, http://sumitnaithani23.jagranjunction.com/2012/05/11/तानाशाही-मंच/

    D33P के द्वारा
    May 14, 2012

    सुमीत जी नमस्कार प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया ……….. इस दौर से जितनी जल्दी हो सके बाहर आ जाइये !

Mohd Haneef "Ankur" के द्वारा
May 13, 2012

दीप्ति जी , शमा बांध दिया आपने तो……………….शब्दों को बहुत ही खूबसूरती से पेश किया गया है. मनोहारी ग़ज़ल पड़कर मजा आ गया. बधाई……………………… kabhi mere blog par bhi darshan dijiyega. http://www.hnif.jagranjunction.com

    D33P के द्वारा
    May 14, 2012

    हनीफ जी नमस्कार स्वीकार करे ……….. .आपने हमारे शब्दों को पसंद किया इसके लिए आपका तहेदिल से शुक्रिया

चन्दन राय के द्वारा
May 13, 2012

दीप्ति जी, नशा है आँखों में पर खो जाने से डर लगता है !! जिन्दगी की हर राह में हमसफ़र बना तो लू तुम्हे! पर हमराह बन जुदा होने से डर लगता है !! वाह ये रूमानियत ! आपके लिए इक मेरा शेर , इस तरह न डरो इजहारे मुहब्बत से , के खुदा दिल बनाना छोड़ दे

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    चन्दन जी ………बहुत बहुत आभार ऐ खुदा ये तुने भी क्या दिल बनाया प्यार से प्याले की तरह भर दिया प्याला भी छलका जाये .दिल भी धडकता जाये कैसे बना लू मै उसे अपना हमसफ़र दुनिया के हाथो रास्ता काँटों से भरता जाये इंकार नहीं इकरार है फिर भी दिल डरता जाये !

rekhafbd के द्वारा
May 13, 2012

दीप्ती जी . लुभाती है तेरे करीब आने की अदा न करीब आ के दूरियों से डर लगता है | अति सुंदर भाव ,बधाई

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    रेखा जी नमस्कार प्रतिक्रिया के लिए आपका बहुत बहुत आभार

MAHIMA SHREE के द्वारा
May 13, 2012

वाह दीप्ति जी …… इकरार तो है पर इनकार से डर लगता है डूबी रहू तेरे खयालो में दिन रैना खवाब टूट जाने का डर लगता है चलती रहूँ यूँही संग तेरे अनकहे वादों से डर लगता है ….

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    महिमा जी आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया के लिए आपका बहुत बहुत आभार

mparveen के द्वारा
May 13, 2012

दीप्ति जी नमस्कार, आपके ब्लॉग इन्टरनेट की दुनिया पर मैंने कमेन्ट करना चाहा पर शायद नेट को मंजूर न हुआ और ३ कोशिशों के बाद भी कमेन्ट नहीं कर पाई .. आपका वो ब्लॉग काफी हद तक सही था सत्य के करीब नहीं बल्कि सत्य ही था . आजकल यही हो रहा है …. माफ़ कीजियेगा उस ब्लॉग की बात मैं इस पोस्ट पर कर रही हूँ पर क्या करू आज शायद यहाँ पोस्ट हो जाये कमेंट्स …… हाँ तो आपको तो ये सब एक लड़के ने कहा था पर आपको विस्वास न होगा की ऐसा प्रस्ताव मुझे किसी औरत ने किया …. उसका मेसज पढ़कर मेरे भी पैरों तले जमीन खिसक गयी टाइप हुआ था पर फिर इग्नोर करना ही ठीक लगा क्यूंकि दुनिया में सब तरह के लोग हैं …. अब बात करते हैं आपकी इस पोस्ट की जिसमे बहुत ही खूबसूरत ढंग से आपने दिल की भावनाओं को व्यक्त किया है …. तारीफ में बस इतना ही कहना चाहूंगी की too good …. keep it up ….. :)

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    परवीन जी आपका स्वागत है …………सही कहा कभी कभी कमेन्ट पोस्ट करने में इतनी बार error आ जाता है कोशिश छोड़ देनी पड़ती है …….मुझे ख़ुशी है आपकी आज की कोशिश कामयाब रही और मुझे मेरे पेज पर आपका स्वागत करने का सौभाग्य मिला ! आजकल social networking sites पर बहुत सारे असामाजिक तत्व क्रियाशील है जिनका उद्देश्य ही बेहूदा होता है कुछ अपनी तन्हाई और लाचारी बाँटने आते है ,दूसरी और कौन है कैसा है कुछ नहीं कहा जा सकता है .मेरे “इन्टरनेट की दुनिया ” लेख पर एक विडियो का लिंक भी दिया हुआ है अगर आपने उसे न देखा हो तो जरुर देखे ! बात रही इस पोस्ट की …..तो आपकी प्रतिक्रिया के लिया आभार

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
May 13, 2012

श्रंगार करू तेरी चाहत में डूबकर ! पर क्या करू आईने के सवालों से डर लगता है!! आदरणीय दीप्ती जी, सस्नेह कुछ कहूँ या न कहूं ..कैसे लिखा आपने . बहुत खूब. बधाई.

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    प्रदीप जी प्रणाम …..स्वीकार करे (इसे रिश्वत मत समझिएगा ये मेरे भाव है आपके लिए) कुछ मत कहिये …….बस आपका आश्रीवाद मेरे खाते में ट्रान्सफर करते रहिये ……मै आपकी आभारी रहूंगी !

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    May 13, 2012

    आदरणीय दीप्ती जी सादर मेरा स्नेह सदेव आपके साथ है. प्रणाम स्वीकार करना रिश्वत में नहीं आता फिक्स डिपाजिट कर दूं रोज रोज चेक काटना मुझे नहीं भाता बार बार सोचता हूँ की आप kavi hain, shayar है ya mirja galib line sina ghar chuki kitna likhti है khalis tukbandi karne valon ko bhi shayar की maanyta prapt है.मेरी तुकबंदी पर गौर इनायत daad chaunga.

    D33P के द्वारा
    May 15, 2012

    कोई जवाब नहीं …..मन हर्षित है ………

vikramjitsingh के द्वारा
May 13, 2012

दिल धड़क रहा है, हिचकियों के साथ… कुछ ना कुछ बात होने वाली है…. या बहुत दूर जा रहा है कोई…. या………मुलाकात होने वाली है….

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    बहुत बहुत शुक्रिया विक्रम जी …चंद शब्द आपकी नज़र में .. धडकते दिल से कुछ बात न होगी दूरियों में क्या मुलाकात होगी !! दिल धड़कने का कुछ तो सबब होगा कुछ न कहो ,कह दिया तो गजब होगा !! …

akraktale के द्वारा
May 13, 2012

दीप्ति जी सादर, मुझे यकीन है तेरी मोहब्बत का ! पर हाथ की लकीरों से डर लगता है !! बहुत ही बढ़िया भय और उत्सुकता का भाव लिए लिखी रचना. बधाई.

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    बहुत बहुत आभारी हु ….आपकी प्रतिक्रिया के लिए हमेशा प्रतीक्षा रत .आभार

dineshaastik के द्वारा
May 13, 2012

बहुत सुन्दर, क्या यही प्रेम  का चर्मोंत्कर्ष  है। कही यह ईश्वरीय  प्रेम तो नहीं।  क्योंकि मानवीय प्रें तो इतना निश्छल  एवं पवित्र  हो ही नहीं सकता। खोने के डर से पाने की चाहत  न हो। मुहब्बत  पर यकीन, भाग्य पर भरोसा न हो। इतनी सुन्दर रचना की कैसे तारीफ  करूँ, उचित शब्दों कहीं न कर पाऊँ,  यही डर लगता है।

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    प्रणाम दिनेश जी ……..सच कहा आपने जहा प्रेम में सच्चाई है वहा खोने का डर भी साथी की तरह साथ साथ चलता है ….और दिल को छलावा देता है ,कही ऐसा न हो ,कही वैसा न हो जाये ….अपने हाथ की लकीरे अपने हाथ में होते हुए भी पराई सी लगती है ! आपकी इतनी नायाब प्रतिक्रिया के बदले एक साधारण से धन्यवाद के अलावा कुछ कहने से भी डर लगता है (कोई शब्द ही नहीं है)

nishamittal के द्वारा
May 12, 2012

आपकी रचना और प्रस्तुति सुन्दर है श्रंगार करू तेरी चाहत में डूबकर ! पर क्या करू आईने के सवालों से डर लगता है!! कुछ तो बोल कि मेरा डर झूठा है! या तुम्हे भी ये कहने से डर लगता है ??

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    निशा जी आपका स्वागत है …नमस्कार स्वीकार करे …….आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए हौसला परक है बहुत बहुत आभार

May 12, 2012

आपके इस डर से मुझे अब डर लगने लगा है…..लगता है मुझे इस पर भी एक पोस्टिंग करनी पड़ेगी….पर अभी तो दो महीने तक कोई पोस्टिंग नहीं करने वाला जिसके लिए माफ़ी चाहता हूँ…..!

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    अनिलजी शायद ये आपका निर्णय है कि आप दो माह तक कुछ पोस्ट नहीं करेंगे .क्या एक लेखक होने के नाते ये समयावधि ज्यादा नहीं है .?…..फिर भी इंतज़ार रहेगा आपकी आने वाली पोस्ट का …. आपकी प्रतिक्रिया से वंचित नहीं करेंगे और अपनी उपस्थिति दर्ज करते रहेगे ,इसी आशा के साथ….

ajaydubeydeoria के द्वारा
May 12, 2012

Five Star……….* * * * *

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    अजय जी नमस्कार आपके द्वारा दिए गए ये 5 star चंद शब्दों से कीमती है ,आभार

Abhinav Srivastava के द्वारा
May 12, 2012

सुन्दर पंक्तियाँ और सुन्दर प्रस्तुति…..!

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    अभिनव जी प्रतिक्रिया के लिए आभार

follyofawiseman के द्वारा
May 12, 2012

“इत्फ़ाकन वो मेरे इतने क़रीब आ गए, कि एहतियातन हमने फ़ासले कर लिए” ‘मन बनिया बान न छोड़े….’ बहुत ही हिसाबी किताबी मन है आपका….ख़ैर मन है तो किताबी होगा ही…..थोड़ा नीचे उतरिए…….”पत्थर के धड़के को लोग दिल समझ लेते है, दिल को दिल बनाने मे उम्र बीत जाती है”

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    “”मन मेरा किताब है हिसाब पूरा रखना है पत्थर नहीं मोम सा है ख्याल पूरा रखना है रंजिश का एक पल काफी है अपना बनाने में उम्र बीत जाती है “” wiseman thanx for yours comment

yogi sarswat के द्वारा
May 12, 2012

श्रंगार करू तेरी चाहत में डूबकर ! पर क्या करू आईने के सवालों से डर लगता है!! कुछ तो बोल कि मेरा डर झूठा है! या तुम्हे भी ये कहने से डर लगता है ?? आदरणीय दीप्ति जी , नमस्कार ! इतनी बेहतर रचना पर मुझे कुछ कहते हुए डर लगता है ! नहीं नहीं ! बस आपकी कविता में एक पंक्ति और जोड़ी है ! बहुत सुन्दर शब्द ! चित्र आप बहुत ही सटीक लगती हैं ! Feelings are on , not only on , but fullon

    D33P के द्वारा
    May 13, 2012

    नमस्कार योगी जी तारीफ के लिए शुक्रिया


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