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अल्प बचत-सुखी भविष्य

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आज हमारे पास भविष्य  की सुरक्षा के लिए बचत के कई विकल्प उपलब्ध है !म्यूचल फंड ,शेयर,जीवन -बीमा  पॉलिसी ,बैंक में निवेश ,साथ ही आज बाजार में कई निजी बैंक  भी है जहाँ ऊँचीं ब्याज दरो पर निवेश किया जा सकता है ! इन सबके साथ भारत सरकार की राष्ट्रीय बचत योजनाये भी है जो डाकघरों  द्वारा संचालित होती है !
कभी आपने कल्पना की है कि जहा आप अपनी जीवन भर की पूँजी ,खून पसीने की कमाई जमा की है वो डूब जाये तो ?शायद नहीं की है ! और इस बात की सोच और कल्पना भी दिल को दहलाने के लिए काफी है ! फिर भी लोग ऐसी जगह निवेश करते है जहा पैसा डूबने की गुंजायश है ,शायद ज्यादा ब्याज दरों की लालच और ज्यादा पाने की आशा उन्हें ऐसा करने के लिए प्रेरित करती है ,पर जब जीवन भर की ,खून पसीने की कमाई डूब जाती है तो हाथ मलने और रोने के अलावा कोई चारा नहीं होता !शॉर्टकट में पैसा कमाने की चाह रखने वालों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है जिसका उदाहरण
अभी हाल में गोल्ड सुख योजना में निवेश करने वालो के साथ हुआ !इस कंपनी ने लोगों को कुछ ऐसा झांसा दिया कि लोगों ने 3 साल के भीतर ही करोड़ों रुपए का निवेश इस कंपनी में कर डाला। यह कंपनी मात्र डेढ़ वर्ष में पैसे को 150 गुना करने का दावा करती थी। कंपनी डेढ़ लाख लोगों का लगभग 300 करोड़ रुपया लेकर फरार हो गई !लोगो की ज्यादा ब्याज की चाह ,जल्दी से जल्दी पैसा दुगना करने की  मानसिकता   की वजह से ही  आए दिन कई फर्जी कंपनियां लोगों को ठगकर भाग निकलती हैं!  इस तरह की आज भी कई कम्पनिया मौजूद है जिनमे लोगो की मेहनत की कमाई का करोडो रूपये निवेश किया हुआ है !जिन  की कोई गारंटी नहीं है !

आज हमारे पास भविष्य  की सुरक्षा के लिए बचत के कई विकल्प उपलब्ध है !म्यूचल फंड ,शेयर,जीवन -बीमा  पॉलिसी ,बैंक में निवेश ,साथ ही आज बाजार में कई निजी बैंक  भी है जहाँ ऊँचीं ब्याज दरो पर निवेश किया जा सकता है ! इन सबके साथ भारत सरकार की राष्ट्रीय बचत योजनाये भी है जो डाकघरों  द्वारा संचालित होती है !

कभी आपने कल्पना की है कि जहा आप अपनी जीवन भर की पूँजी ,खून पसीने की कमाई जमा की है वो डूब जाये तो ?शायद नहीं की है  और इस बात की सोच और कल्पना भी दिल को दहलाने के लिए काफी है ! फिर भी लोग ऐसी जगह निवेश करते है जहा पैसा डूबने की गुंजायश है ,शायद ज्यादा ब्याज दरों की लालच और ज्यादा पाने की आशा उन्हें ऐसा करने के लिए प्रेरित करती है ,पर जब जीवन भर की ,खून पसीने की कमाई डूब जाती है तो हाथ मलने और रोने के अलावा कोई चारा नहीं होता !शॉर्टकट में पैसा कमाने की चाह रखने वालों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है जिसका उदाहरण अभी हाल में गोल्ड सुख योजना में निवेश करने वालो के साथ हुआ !इस कंपनी ने लोगों को कुछ ऐसा झांसा दिया कि लोगों ने 3 साल के भीतर ही करोड़ों रुपए का निवेश इस कंपनी में कर डाला। यह कंपनी मात्र डेढ़ वर्ष में पैसे को 150 गुना करने का दावा करती थी। कंपनी डेढ़ लाख लोगों का लगभग 300 करोड़ रुपया लेकर फरार हो गई !लोगो की ज्यादा ब्याज की चाह ,जल्दी से जल्दी पैसा दुगना करने की  मानसिकता   की वजह से ही  आए दिन कई फर्जी कंपनियां लोगों को ठगकर भाग निकलती हैं!  इस तरह की आज भी कई कम्पनिया मौजूद है जिनमे लोगो की मेहनत की कमाई का करोडो रूपये निवेश किया हुआ है !जिन  की कोई गारंटी नहीं है !

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निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प डाकघर और राष्ट्रीयकृत बैंक है ,जहाँ निजी कम्पनियों से ब्याज दर कम हो सकती है पर निवेश एकदम सुरक्षित ! यधपि अभी हाल ही में सरकार द्वारा छोटी बचत योजनाओ में ब्याज की दरो में वृधि की है !एक अप्रैल 2012 से लागू ये नयी ब्याज दरें वर्ष 2012-13 के लिए वैध होंगी ! कुछ वर्ष पूर्व  एक कथन नफा नुकसान  समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ था  की लघु बचत योजनाओ में ब्याज दरे बदने की जरुरत कहा है जब की जनता के पास निवेश के कई विकल्प यथा शेयर ,जीवनबीमा ,म्यूचल फंड  मौजूद है ,लेकिन ये विकल्प बड़े निवेशको के लिए है जिनके अन्दर घाटा उठाने का माद्दा है ,छोटा निवेशक अपने जीवन भर की पूजी इस उतर चदाव वाले विकल्प में नहीं जमा करा सकता न ही उसके अन्दर इतना माद्दा है वो जीवन भर की पूँजी को गँवा दे !

ग्रामीण बचत का बड़ा हिस्सा पहले भी और अब भी डाकघरों के जरिए नियंत्रित होता है। इसकी पहुंच उन स्थानों और लोगों तक है जहां व्यावसायिक बैंक नहीं पहुंच पाते हैं!।बैंकों के विस्तार के बावजूद ग्रामीण इलाकों में डाकघर की बचत योजनाएं ज्यादा लोकिप्रय हैं। गाँवो  के छोटे छोटे इलाके में भी शाखा डाकघर मौजूद है जहा लोगो को खाते खोलने और राशी जमा करने की सुविधा उपलब्ध है !

लघु बचत योजनाओ का क्रियान्वयन छोटे निवेशको  के मध्येनज़र ही किया गया था !लोगो को बचत की और आकर्षित करने के लिए अभिकर्ता भी नियक्त किये जाते है ,जो घर घर जाकर निवेशक से पैसा एकत्रित  कर डाकघर में जमा करते है !आजकल राज्यसरकार द्वारा नियुक्ति  से पहले इन अभिकर्ताओ की पुलिस जाँच भी कराई जाती है !

2005  से पूर्व राज्य सरकारों द्वारा निवेश पर जिला स्तर पर कई पुरस्कार योजनाये भी संचालित की जाती थी !लेकिन वर्तमान में ये सब योजनाये बंद हो चुकी है !इसके बावजूद आज भी डाकघर में निवेश किया जा रहा है क्यूंकि यहाँ ब्याज दर भले ही कम हो पर पैसा डूबने का खतरा  नहीं है साथ कुछ योजनाओ में जैसे पीपीएफ, राष्ट्रीय बचत पत्र  5  वर्षीय  सावधि जमा (बैंक )में  निवेशित राशी पर आयकर की भी छूट उपलब्ध है !

किसी निश्चित समय पर जमा कराई जाने वाली मुश्त राशि( यथा बच्चो की फीस ,जीवन बीमा पॉलिसी की एक मुश्त  राशि )को प्रतिमाह बैंक की एक वर्षीय आवर्ती जमा में जमा कराई जा सकती है जिसे एक वर्ष बाद निकाल कर उपयोग में लिए जा सकता है ! डाकघर की पांच वर्षीय आवर्ती खाते में भी राशि जमा कराई जा सकती है !प्रतिमाह एक निश्चित छोटी रकम पांच वर्ष बाद बड़ी रकम के रूप में हाथ में आएगी !

मासिक आय योजना में जमा एक मुश्त राशि पर प्रतिमाह प्राप्त होने वाले ब्याज की अगर तत्काल जरुरत न हो तो उस राशि का निवेश भी डाकघर की पांच वर्षीय आवर्ती खाते में सीधे ही जमा किया जा सकता है ,जिससे ब्याज पर व्याज कमाया जा सकता है और जरुरत पर उस एकत्रित उस राशि का उपयोग किया जा सकता है !

मेरी सलाह है कि जिन की आयु कम हो और ज्यादा जिम्मेदारी न हो उन्हें प्रतिवर्ष डाकघर में  एक निश्चित राशि का पांच वर्षीय आवर्ती खाता खोल लेना चाहिए  ( पांच वर्ष तक-कुल पांच  खाते) पहले खाते के पाच वर्ष बाद प्रति वर्ष एक खाता परिपक्व होगा,जमा राशि का आहरण कर उसके स्थान पर  फिर से एक खाता खोला लेना चाहिए !इस  तरह बचत की आदत के साथ जरुरत के लिए राशि जमा होती रहेगी !अगर बीच में जरुरत हो तो किसी भी खाते को तीन वर्ष बाद बंद भी किया जा सकता है !

याद रखे आपका पैसा आपकी मेहनत की कमाई है ,निजी बैंक या कम्पनी दिवालिया हो सकती है परन्तु डाकघर और राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा पैसा देने के लिए सरकार निवेशक के साथ प्रतिबद्ध है !जहा आपका पैसा पूर्ण रूप से सुरक्षित है !

सुरक्षित निवेश करे

निवेश  के समय हमेशा  याद रखे  निवेश किसी परिवार के सदस्य के साथ संयुक्त रूप से करे और साथ में किसी को मनोनीत अवश्य करे वरना किसी अवांछित हादसे के बाद अपना ही पैसा लेने के लिए आपके परिवार को मुश्किल आ सकती है !

आपकी बचत ,आपका सुखद भविष्य

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32 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

D33P के द्वारा
September 2, 2012

हिमांशु जी नमस्कार आप सही कह रहे है बचत की महत्ता सबको पता है फिर भी आज भौतिक सुख सुविधाओ के पीछे भागते हुए आदमी आने वाले कल को भूल जाता है ! ज्यादा ब्याज दरों की लालच और ज्यादा पाने की आशा, शॉर्टकट में पैसा कमाने की चाह रखने वालों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है जब जीवन भर की ,खून पसीने की कमाई डूब जाती है तो हाथ मलने और रोने के अलावा कोई चारा नहीं होता !इसलिए बेहतर है थोडा थोडा बचा कर सुरक्षित जगह निवेश किया जा सकता है और अपने आने वाले कल को सुरक्षित किया जा सकता है ! आलेख को पसंद करने और प्रतिक्रिया देने के लिए आभार

Himanshu Nirbhay के द्वारा
September 1, 2012

दीप्ति जी, अत्यंत उपयोगी, सार्थक, वित्त-द्रष्टि प्रधान,चिरकालीन सत्य-सार गर्भित आलेख प्राय: पड़ने को नहीं मिल पाते, अत: सादर नमन… शुभेच्छु…

अजय यादव के द्वारा
August 31, 2012

आदरणीय दीप्ती जी,सादर प्रणाम | मेरे लिए शायद इससे उपयोगी पोस्ट कोई हों ही नही सकती |

    D33P के द्वारा
    August 31, 2012

    अजय जी पोस्ट को पसंद करने और प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

vijay के द्वारा
August 24, 2012

आदरणीय दीप्ती जी नमस्ते ,जानकारी से भरी आपकी रचना बहुत अच्छी लगी ,पर आज कल उधार की संस्कृति का जमाना है जनता भी उधार से सब भोग करने की आदी हो चुकी है ऐसे में राष्ट्रीय बचत तीर्व गति से नीचे गिर रही है हर वस्तु पर लोन उपलब्द्ध है कार लोन ,शिक्षा लोन ,हाउस लोन,ऐसे में आशा है आपका लेख लोगों को सही बचत के लिए जागृत करेगा |

    D33P के द्वारा
    August 26, 2012

    विजय जी सही कहा आपने आजकल लोगो में उधार की प्रवृति बदती जा रही है और बैंक आदि भी लोगो की इसी मानसिकता का फायदा उठाते है .आज हर कार्य के लिए लोन उपलब्ध है लेकिन मूल के बाद कितनी राशी ब्याज को मिलाकर बैंक वसूल कर लेती है ये बात उधार लेने वाले को समझ में नहीं आती और न ही उसका हिसाब करना आम आदमी के बस की बात है ! इसलिए जहा तक हो सके अपनी जरूरतों का निर्वाह करते हुए थोडा बहुत धन अपने अचानक होने वाले व्यय के लिए बचाना जरुरी है ! प्रतिक्रिया के लिए आभार

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
August 23, 2012

निवेश – संबंधी जानकारियों को सार्वजनिक करने के लिए हार्दिक आभार ! vaise to main bilkul vahee ही करता हूँ जो आप ने इस आलेख में लिखा है | श्रद्धेया निशा जी के maadhyam से आप का पूरा नाम जन सका ! शेष पुनः !!

    D33P के द्वारा
    August 26, 2012

    गुंजन जी ,नमस्कार आपसे आगे भी पूर्ण सहयोग की अपेक्षा है प्रतिक्रिया के लिए आभार

nishamittal के द्वारा
August 22, 2012

deepti जी किसी कारण वश आपकी ये उपयोगी पोस्ट नहीं पढ़ पायी थी आपके व अशोक जी द्वारा प्रदत्त जानकारी के लिए आभार

    D33P के द्वारा
    August 23, 2012

    निशा जी सादर अभिवादन ,देर नहीं सोची बस आपका आना देखा जो बहुत सुखद है आपकी प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

yogi sarswat के द्वारा
August 22, 2012

आदरणीय दीप्ति जी , सादर नमस्कार ! आपने बड़ा अच्छा और लाभदायक लेख दिया है ! जन साधारण के उपयोग के लिए ऐसी बातें बहुत महत्व रखती हैं ! बहुत बहुत शुक्रिया

    D33P के द्वारा
    August 23, 2012

    योगी जी नमस्कार सही कहा लोगो को इन छोटी छोटी पर महत्वपूर्ण बातो का ज्ञान होना जरुरी है आपकी प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

Chandan rai के द्वारा
August 22, 2012

दीप्ती जी , मे तो सभी मित्रों को यही सलाह दूंगा जिस भी बचत प्रणाली में आप निवेश करे !आपको उसकी पूर्ण जानकारों हो तो कोई भी निवेश हानिकारक नहीं है ! आपका यह संवाद भी अवश्य फलीभूत करने वाला है !

    D33P के द्वारा
    August 23, 2012

    चन्दन जी नमस्कार लोगो को इन महत्वपूर्ण बातो का ज्ञान होना जरुरी है कि किया गया निवेश किस प्रतिभूति में ज्यादा सुरक्षित है जहा ब्याज चाहे कम मिले पर कम से कम मूल निवेश सुरक्षित रहे आपकी प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

Rajkamal Sharma के द्वारा
August 21, 2012

इस विषय पर इस मंच पर शायद ही किसी ने सोचने ृलिखने की जहमत की होगी बचत करना एक अच्छी आदत कही जानी चाहिए औए सबसे बड़ी बात आपके सुझावानुसार उसको सरकारी खातों और योजनाओं में ही निवेश करना चाहिए (वोह ब्लागर अपने हाथ खड़े करे जोकि इस महंगाई डायन के मुंह में जाकर भी (कुछ न कुछ) बचा कर वापिस ले आते है हनुमान जी की तरह ) शुभकामनाये और मुबारकबाद

    D33P के द्वारा
    August 23, 2012

    नमस्कार राजकमल जी मेरे ब्लॉग पर आपका सदैव स्वागत है ….सच में आज की महंगाई (अजगर /डायन) के मुह में जाकर कुछ बचा पाना बहुत ही मुश्किल हो गया है पर इसे अपनी आदत में शुमार करना बहुत ही जरुरी हो गया है !सरकारी प्रतिभूतियो में निवेश सुरक्षित है .निजी निवेश कम्पनियाँ कब लोगो की मेहनत का पैसा ले उड़े ,पता ही नहीं चलता और लोगो के पास रोने के अलावा कोई चारा ही रहता है !

vikaskumar के द्वारा
August 21, 2012

दीप्तिजी , आपने लेख में कई महत्तवपूर्ण जनकारी दी है। उपयोगी लेख ।

    D33P के द्वारा
    August 23, 2012

    आपकी प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

Mohinder Kumar के द्वारा
August 21, 2012

दीप्ती जी, नमस्कार जानकारी से परीपूर्ण लेख के लिये आभार.

    D33P के द्वारा
    August 23, 2012

    मोहिंदर जी नमस्कार आपकी प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
August 20, 2012

आदरणीया दीप्ति जी, सादर बहुत सुन्दर सन्देश. बधाई.

    D33P के द्वारा
    August 20, 2012

    आदरणीय प्रदीप जी प्रणाम स्वीकार करे ……साथ ही प्रतिक्रिया के लिए आभार

akraktale के द्वारा
August 20, 2012

दीप्ति जी           सादर नमस्कार, मै आपके आलेख के शुरूआती पंक्ति से ही सहमत नहीं हूँ. क्योंकि इसमें आपने बचत के विकल्पों में शेयर, जीवन बीमा और म्युचल फंड को सम्मिलित किया है जों कि बचत के विकल्प नहीं जोखिम और जीवन सुरक्षा के विकल्प हैं.           हमारे यहाँ जनता यही गलती करती है कि बचत, बीमा और जोखिम में फर्क नहीं समझ पाती.इसलिए अक्सर यह ठगी जाती है. गैर सरकारी बैंको या सहकारी संस्थानों में भी निवेशित धन जोखिम ही है.            बचत का सबसे आसान और उत्तम तरीका है आवर्ती बचत यह निश्चित आय वालों के लिए है यह छोटी छोटी बचत को कुछ वर्षों में बड़ा आकार देती है.यह सरकारी बैंक और पोस्ट ऑफिस में किया जाना ही सबसे सुरक्षित  माना जाता है.           अचानक प्राप्त होने वाली बड़ी रकम को जिसकी तत्काल जरूरत न हो उसे आवश्यकता अनुसार समयावधि के लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा किया जा सकता है.           बीमा एक ऐसी सुविधा है जिसका लोग सही उद्देश्य नहीं जानते और एजेंटों द्वारा ठगे जाते हैं. इसके मुख्य तीन प्रकार होते हैं. एक चिकित्सकिय, दुर्घटना और तीसरा जीवन बीमा. सबसे आवश्यक है जीवन बीमा जों आपकी म्रत्यु के पश्चात कि जवाबदारी को पूरा करे.इसको महंगाई,जरूरत और वक्त के हिसाब से आंकलित किया जाता है. इसमें प्रतिवर्ष एक मुश्त रकम जमा कि जाती है जों वापसी योग्य नहीं होती. कम उम्र में बीमा कराने पर यह रकम कम होती है.          शेयर और म्युचल फंड में निवेशित रकम पूर्णतया जोखिम होता है जों आपके जोखिम उठाने कि क्षमता पर ही निर्भर करता है. यह लघु बचत करने वालों के लिए मुसीबत भरा हो सकता है.          कुछ अधिक बचत करने के सामर्थ्य वालों के लिए पी पी एफ  और एम् आय एस  भी अच्छे विकल्प हैं.           मेरा प्रतिक्रया को विस्तार से लिखने का कारण बचत, बीमा और जोखिम पर आपके लिखे आलेख को और थोड़ा विस्तार देना था. आपने इस विषय पर लिखा, यह एक सराहनीय और समाजोपयोगी कार्य है. आपको हार्दिक बधाई.

    D33P के द्वारा
    August 20, 2012

    आदरणीय अशोक जी मैंने आम भाषा में बचत के विकल्पों में शेयर, जीवन बीमा और म्युचल फंड को सम्मिलित किया है, वास्तव में लोगो को यही ग़लतफ़हमी है कि इनमे निवेश कर अपना पैसा सुरक्षित कर सकते है लेकिन ये निवेश पूरी तरह जोखिम भरा है और बाजार के उतर चड़ाव पर निर्भर करता है ! कई बार तो निवेशित मूल भी नहीं मिलता !लेकिन चूँकि एजेंटो को लघु बचत योजनाओ में प्राप्त होने वाले कमीशन से यहाँ कमीशन जयादा मिलता है इसलिए वो निवेशको को प्रलोभन देकर इनमे निवेश के लिए प्रोत्साहित करते है ! आज राजकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को बीमा ,दुर्घटना बीमा और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है ,उन्हें इसके लिए अलग से पॉलिसी लेने की जरुरत नहीं पड़ती फिर भी वो अपने और अपने परिवार के सदस्यों की जीवन बीमा पॉलिसी लेकर आयकर में छूट भी प्राप्त कर सकते है !एजेंट वही पॉलिसी बताते है जिनमे उन्हें कमीशन ज्यादा प्राप्त होता है ,इसलिए पूरी जानकारी के बाद ही पॉलिसी लेना उचित है !लघु बचत योजनाओ में सबसे बड़ा फायदा ये भी है कि परिपक्वता पर स्रोत पर आयकर की कटोती नहीं होती ! साथ ही जमा dhan पूर्णरूप से सुरक्षित rahta है यधपि मेरा कार्य क्षेत्र यही है ….पर मेरे लेखन को विस्तार देने के लिए मै आपकी आभारी हु !

dineshaastik के द्वारा
August 20, 2012

आदरणीय दीप्ति जी, सादर नमस्कार। बहुत ही जन उपयोगी एवं सराहनीय पोस्ट।  जीवन उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करने के लिये हृदय से आभार…..

    D33P के द्वारा
    August 20, 2012

    आदरणीय दिनेश जी प्रतिक्रिया के लिए आपका आभार

vikramjitsingh के द्वारा
August 20, 2012

आदरणीया दीप्ति जी…..सादर….. ”किसी अवांछित हादसे के बाद अपना ही पैसा लेने के लिए आपके परिवार को मुश्किल आ सकती है” इसलिए पैसा बचाने की जरूरत क्या है……वैसे भी भगवान किसी को भूखा तो सुलाता नहीं……तभी तो कहते हैं…. ”चिड़ी चोंच भर ले गयी…नदी न घटियों नीर…. दान दिए धन ना घटे……कह गयो भगत कबीर…..” (वैसे आपके विचार सराहनीय है…….छोटे निवेशकों के लिए……..धन्यवाद……)

    D33P के द्वारा
    August 20, 2012

    विक्रमजीत जी आपका स्वागत है … बड़े लोगो की बड़ी बड़ी बातें ……आपने सही कहा कि चिड़िया कि चोंच से सागर खाली नहीं होता और दान देने से धन नहीं घटता ! जिनसे पास अकूत धन है उनके पास न तो पैसा ख़तम होता है और न ही उन्हें धन को बचाने की जरुरत होती है !.और फिर मेरा ये ब्लॉग मध्यम श्रेणी के आय वर्ग के लिए है ,जिनके पास अपनी दैनिक जरूरत पूरी करने के बाद थोड़ा पैसा अपने आड़े वक्त के लिए ,घर में बच्चो की शिक्षा और शादी आदि के लिए बचा कर रखने की जरुरत होती है !जब उनका वही पैसा गलत जगह निवेश करने से डूब जाता है ,तो शायद निवेशक की हालत आपने नहीं देखी!मेरा कार्य क्षेत्र यही है मैंने ऐसे बहुत लोगो को आंसू बहाते देखा है ! वैसे भी आजकल सभी को किसी न किसी कारण से राशी जमा करने की जरुरत होती ही है और आजकल सभी निवेश क्षेत्रो में संयुक जमा के साथ मनोनयन की सुविधा उपलब्ध है ! इसके अभाव में निवेशको का बहुत सारा धन सरकार के पास रह जाता है और परिवार जन उसे पाने की जटिल प्रक्रिया में उलझे रहते है!,नियमित बचत से जरुरत के वक्त उधार लेने से बचा जा सकता है ! प्रतिक्रिया के लिए आपका आभार

    vikramjitsingh के द्वारा
    August 21, 2012

    आदरणीया दीप्ति जी…..सादर… अगर हमें पता होता कि आप हमारी कही हुई नोर्मल बात को दुसरे ढंग से लेंगी…तो हम कतई ऐसा नहीं लिखते…..देखिये…..खुद आप ने ही लिखा है….”किसी अवांछित हादसे के बाद अपना ही पैसा लेने के लिए आपके परिवार को मुश्किल आ सकती है” और ”लोगों का पैसा सरकार के पास ही पड़ा रहता है” तभी तो हम ने कहा…”अगर ऐसा है तो बचत नहीं करनी चाहिए…….??? तो इसमें गलत क्या है….??? और आपने हमारे कमेन्ट में सबसे नीच वाली लाइन शायद नहीं पढ़ी……??? इसे भी पढ़िए फिर जवाब दीजिये……..धन्यवाद….

    D33P के द्वारा
    August 23, 2012

    विक्रम जीत जी नमस्कार ,जहाँ तक बुरा मानने की बात है ,यहाँ हम अपने विचार व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र है ,मैंने आपसे पहले भी निवेदन किया ये मेरा ब्लॉग छोटे निवेशको के लिए है, और बड़े निवेशको के लिए भी कोई बुराई नहीं है,कब किसका वक्त क्या करवट लेता है कुछ पता नहीं चलता !घर में कोई धन नहीं रखता हर एक कहीं न कहीं निवेश करता है फिर निवेश सुरक्षित क्यों न हो ?जहा तक आपकी प्रतिक्रिया की आखिरी पंक्ति का सवाल है उसके जवाब में आप भी हमारे जवाब की आखिरी पंक्ति (प्रतिक्रिया के लिए आपका आभार)पढ लेते तो शायद ये न कहते !

jlsingh के द्वारा
August 20, 2012

दीप्ति जी, नमस्कार! बहुत ही बेहतरीन जानकारी के साथ “आपकी बचत ,आपका सुखद भविष्य” सलोगन! आपकी सोच सराहनीय एवं अनुकरणीय है!

    D33P के द्वारा
    August 20, 2012

    आदरणीय जवाहर जी आपका स्वागत है … प्रतिक्रिया के लिए आपका आभार ि


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